श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 68: वसिष्ठजी की आज्ञा से पाँच दूतों का अयोध्या से केकयदेश के राजगृह नगर में जाना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.68.12 
न्यन्तेनापरतालस्य प्रलम्बस्योत्तरं प्रति।
निषेवमाणास्ते जग्मुर्नदीं मध्येन मालिनीम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
दूतगण अपरताल नामक पर्वत के दक्षिणी छोर और प्रलम्भगिरि के उत्तरी भाग से होते हुए, दोनों पर्वतों के बीच बहने वाली मालिनी नदी के तट पर आगे बढ़े॥12॥
 
The messengers proceeded further passing through the southern end of the mountain called Aparatal and the northern part of Pralambhagiri, on the banks of the river Malini that flows between the two mountains.॥ 12॥
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