Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.66.8: मैं अनाथ और विधवा हो गई हूँ - यह बात मेरे धर्मात्मा पुत्र कमलनेत्र श्री राम को ज्ञात नहीं है। वे जीवित रहते हुए ही यहाँ से अंतर्धान हो गए हैं॥8॥ | ramayan सर्ग 2.66: राजा के लिये कौसल्या का विलाप और कैकेयी की भर्त्सना, मन्त्रियों का राजा के शव को तेल से भरे हुए कड़ाह में सुलाना, पुरी की श्रीहीनता और पुरवासियों का शोक । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं अनाथ और विधवा हो गई हूँ - यह बात मेरे धर्मात्मा पुत्र कमलनेत्र श्री राम को ज्ञात नहीं है। वे जीवित रहते हुए ही यहाँ से अंतर्धान हो गए हैं॥8॥
'I have become an orphan and a widow - this fact is not known to my virtuous son, lotus-eyed Shri Ram. He has disappeared from here while still alive.॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥