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ramayan 2.66.10: रात्रि में पशु-पक्षियों की भयानक आवाजों से भयभीत होकर सीता श्री राम की शरण लेंगी - उनकी गोद में छिप जाएंगी।   |   ramayan सर्ग 2.66: राजा के लिये कौसल्या का विलाप और कैकेयी की भर्त्सना, मन्त्रियों का राजा के शव को तेल से भरे हुए कड़ाह में सुलाना, पुरी की श्रीहीनता और पुरवासियों का शोक   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 66: राजा के लिये कौसल्या का विलाप और कैकेयी की भर्त्सना, मन्त्रियों का राजा के शव को तेल से भरे हुए कड़ाह में सुलाना, पुरी की श्रीहीनता और पुरवासियों का शोक  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.66.10 
नदतां भीमघोषाणां निशासु मृगपक्षिणाम्।
निशम्यमाना संत्रस्ता राघवं संश्रयिष्यति॥ १०॥
 
 
अनुवाद
रात्रि में पशु-पक्षियों की भयानक आवाजों से भयभीत होकर सीता श्री राम की शरण लेंगी - उनकी गोद में छिप जाएंगी।
 
Frightened by the sounds of animals and birds making terrifying sounds at night, Sita will seek refuge in Shri Ram - she will hide in his lap.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)