| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 2: अयोध्या काण्ड » सर्ग 65: वन्दीजनों का स्तुतिपाठ, राजा दशरथ को दिवंगत हुआ जान उनकी रानियों का करुण-विलाप » श्लोक 9 |
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| | | | श्लोक 2.65.9  | मङ्गलालम्भनीयानि प्राशनीयान्युपस्करान्।
उपानिन्युस्तथा पुण्या: कुमारीबहुला: स्त्रिय:॥ ९॥ | | | | | | अनुवाद | | शुद्ध आचरण और विचार वाली स्त्रियाँ, जिनमें कुमारी कन्याएँ अधिक थीं, शुभ अवसर पर स्पर्श करने योग्य गौएँ, पीने योग्य गंगाजल, दर्पण, आभूषण और वस्त्र आदि अन्य वस्तुएँ लाती थीं॥9॥ | | | | Women of pure conduct and thoughts, among whom the number of virgin girls was more, brought for the auspicious occasion cows etc. that could be touched, Ganga water etc. that could be drunk, and other articles like mirrors, ornaments and clothes etc.॥ 9॥ | | ✨ ai-generated | | |
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