Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.65.8: स्नान-कर्म में पारंगत सेवक सोने के घड़ों में चंदन मिश्रित जल लेकर समय पर पहुँचे।   |   ramayan सर्ग 2.65: वन्दीजनों का स्तुतिपाठ, राजा दशरथ को दिवंगत हुआ जान उनकी रानियों का करुण-विलाप   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 65: वन्दीजनों का स्तुतिपाठ, राजा दशरथ को दिवंगत हुआ जान उनकी रानियों का करुण-विलाप  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  2.65.8 
हरिचन्दनसम्पृक्तमुदकं काञ्चनैर्घटै:।
आनिन्यु: स्नानशिक्षाज्ञा यथाकालं यथाविधि॥ ८॥
 
 
अनुवाद
स्नान-कर्म में पारंगत सेवक सोने के घड़ों में चंदन मिश्रित जल लेकर समय पर पहुँचे।
 
The servants, well versed in the rituals of bathing, arrived on time, carrying water mixed with sandalwood in golden pitchers. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)