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कौसल्यानन्तरं राज्ञ: सुमित्रा तदनन्तरम्।
न स्म विभ्राजते देवी शोकाश्रुलुलितानना॥ १८॥
अनुवाद
राजा के पास कौशल्या और उनके बगल में देवी सुमित्रा थीं। गहरी नींद में सोए होने के कारण दोनों ही बदसूरत लग रहे थे। दोनों के चेहरों पर दुःख के आँसू फैले हुए थे।
Kausalya was beside the king and Goddess Sumitra was beside Kausalya. Both of them looked unattractive due to being fast asleep. Tears of grief were spread on the faces of both of them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥