श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 65: वन्दीजनों का स्तुतिपाठ, राजा दशरथ को दिवंगत हुआ जान उनकी रानियों का करुण-विलाप  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.65.12 
अथ या: कोसलेन्द्रस्य शयनं प्रत्यनन्तरा:।
ता: स्त्रियस्तु समागम्य भर्तारं प्रत्यबोधयन्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् कोसल के राजा दशरथ के पास रहने वाली स्त्रियाँ उनके शयन-शयन के पास गईं और अपने पति को जगाने लगीं।
 
Thereafter the women residing near King Dasharatha of Kosal went to his bed and began to wake their husband.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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