हा कौसल्ये न पश्यामि हा सुमित्रे तपस्विनि।
हा नृशंसे ममामित्रे कैकेयि कुलपांसनि॥ ७६॥
अनुवाद
हे कौसल्ये! अब मुझे कुछ भी दिखाई नहीं देता। हे तपस्वी सुमित्रे! अब मैं इस संसार को छोड़कर जा रहा हूँ। हे मेरी शत्रु, क्रूर, निंदक कैकेयी! (तुम्हारी बुरी इच्छा पूरी हो गई)॥ 76॥
‘Oh Kausalye! Now I cannot see anything. Oh ascetic Sumitre! Now I am leaving this world. Oh my enemy, cruel, slanderer Kaikeyi! (Your evil wish has come true)’॥ 76॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)