Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.63.22: उस समय चारों ओर अँधेरा छा गया। अचानक मुझे घड़े में पानी भरने की आवाज़ सुनाई दी। मेरी नज़र उस जगह तक नहीं पहुँच पा रही थी, लेकिन वह आवाज़ मुझे हाथी के पानी पीते समय निकलने वाली आवाज़ जैसी लग रही थी।   |   ramayan सर्ग 2.63: राजा दशरथ का शोक और उनका कौसल्या से अपने द्वारा मुनि कुमार के मारे जाने का प्रसङ्ग सुनाना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 63: राजा दशरथ का शोक और उनका कौसल्या से अपने द्वारा मुनि कुमार के मारे जाने का प्रसङ्ग सुनाना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  2.63.22 
अथान्धकारे त्वश्रौषं जले कुम्भस्य पूर्यत:।
अचक्षुर्विषये घोषं वारणस्येव नर्दत:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
उस समय चारों ओर अँधेरा छा गया। अचानक मुझे घड़े में पानी भरने की आवाज़ सुनाई दी। मेरी नज़र उस जगह तक नहीं पहुँच पा रही थी, लेकिन वह आवाज़ मुझे हाथी के पानी पीते समय निकलने वाली आवाज़ जैसी लग रही थी।
 
‘At that time darkness prevailed everywhere. Suddenly I heard the sound of a pitcher being filled with water. My eyes could not reach that place, but that sound seemed to me like the sound made by an elephant while drinking water.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)