श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 63: राजा दशरथ का शोक और उनका कौसल्या से अपने द्वारा मुनि कुमार के मारे जाने का प्रसङ्ग सुनाना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  2.63.20 
तस्मिन्नतिसुखे काले धनुष्मानिषुमान् रथी।
व्यायामकृतसंकल्प: सरयूमन्वगां नदीम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
'वर्षा ऋतु के उस अत्यंत सुहावने एवं सुखद समय में मैं अपना धनुष-बाण लेकर रथ पर सवार होकर शिकार खेलने के लिए सरयू नदी के तट पर गया।
 
'In that very pleasant and pleasant time of the rainy season, I rode on a chariot, taking with me my bow and arrow, and went to the banks of the river Saryu to hunt.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)