श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 6: सीता सहित श्रीराम का नियम परायण होना, हर्ष में भरे पुरवासियों द्वारा नगर की सजावट  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  2.6.7 
तुष्टाव प्रणतश्चैव शिरसा मधुसूदनम्।
विमलक्षौमसंवीतो वाचयामास स द्विजान्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात श्री राम ने रेशमी वस्त्र धारण करके सिर झुकाकर भगवान मधुसूदन को प्रणाम किया और उनकी स्तुति की; इसके बाद उन्होंने ब्राह्मणों से स्वस्तिवाचन करवाया॥7॥
 
Thereafter, Shri Ram, wearing silk clothes, bowed his head and bowed to Lord Madhusudan and praised him; After this he made the Brahmins recite Swastiva. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)