श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 6: सीता सहित श्रीराम का नियम परायण होना, हर्ष में भरे पुरवासियों द्वारा नगर की सजावट  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  2.6.15 
रामाभिषेकयुक्ताश्च कथाश्चक्रुर्मिथो जना:।
रामाभिषेके सम्प्राप्ते चत्वरेषु गृहेषु च॥ १५॥
 
 
अनुवाद
श्री राम के राज्याभिषेक के शुभ अवसर पर प्रायः सभी लोग चौराहों पर तथा घरों में भी आपस में श्री राम के राज्याभिषेक की चर्चा करते थे ॥ 15॥
 
On the auspicious occasion of Sri Rama's coronation, almost everyone used to discuss the coronation of Sri Rama amongst themselves at crossroads and in homes too. ॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)