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श्लोक  2.59.19 
न सुहृद्भिर्न चामात्यैर्मन्त्रयित्वा सनैगमै:।
मयायमर्थ: सम्मोहात् स्त्रीहेतो: सहसा कृत:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
'मैंने अपने मित्रों, मंत्रियों और वेदों के विशेषज्ञों से परामर्श किए बिना, केवल एक स्त्री की वासना को संतुष्ट करने के लिए, अचानक कामातुर होकर यह विनाशकारी कार्य किया है।
 
'Without consulting my friends, ministers and experts of the Vedas, I have suddenly committed this disastrous act out of passion, only to satisfy the desire of a woman.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)