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श्लोक 2.59.11  |
देव राजरथं दृष्ट्वा विना राममिहागतम्।
दूरादश्रुमुख: सर्वो राजमार्गे गतो जन:॥ ११॥ |
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| अनुवाद |
| 'भगवन्! मार्ग में आने वाले सभी लोग यह देखकर कि राजा का रथ श्री राम के बिना ही यहाँ लौट आया है, दूर से ही आँसू बहाने लगे॥11॥ |
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| 'God! All the people who had come on the road, seeing that the king's chariot had returned here without Shri Ram, started shedding tears from a distance. 11॥ |
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