श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 59: सुमन्त्र द्वारा श्रीराम के शोक से जडचेतन एवं अयोध्यापुरी की दुरवस्था का वर्णन तथा राजा दशरथ का विलाप  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  2.59.11 
देव राजरथं दृष्ट्वा विना राममिहागतम्।
दूरादश्रुमुख: सर्वो राजमार्गे गतो जन:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
'भगवन्! मार्ग में आने वाले सभी लोग यह देखकर कि राजा का रथ श्री राम के बिना ही यहाँ लौट आया है, दूर से ही आँसू बहाने लगे॥11॥
 
'God! All the people who had come on the road, seeing that the king's chariot had returned here without Shri Ram, started shedding tears from a distance. 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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