श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 58: महाराज दशरथ की आज्ञा से सुमन्त्र का श्रीराम और लक्ष्मण के संदेश सुनाना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  2.58.7 
यं यान्तमनुयान्ति स्म पदातिरथकुञ्जरा:।
स वत्स्यति कथं रामो विजनं वनमाश्रित:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
'भगवान राम, जिनके पीछे पैदल, रथी और हाथी सवारों की सेना चल रही थी, वे निर्जन वन में पहुंचकर कैसे ठहरेंगे?
 
'How will Lord Rama, who was followed by an army of foot soldiers, charioteers and elephant riders while travelling, settle in a desolate forest after reaching there?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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