श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 58: महाराज दशरथ की आज्ञा से सुमन्त्र का श्रीराम और लक्ष्मण के संदेश सुनाना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  2.58.13 
इति सूतो नरेन्द्रेण चोदित: सज्जमानया।
उवाच वाचा राजानं स बाष्पपरिबद्धया॥ १३॥
 
 
अनुवाद
राजा के यह पूछने पर सारथी सुमन्तराम ने रुंधे हुए स्वर में कहा -
 
When the King asked him this, the charioteer Sumantram told him in a choked voice choked with tears -
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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