Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.57.27: महाराजा के अचेत हो जाने पर सारा भीतरी महल शोक से भर गया। राजा के भूमि पर गिरते ही सभी लोग अपने-अपने हाथ ऊपर उठाकर जोर-जोर से चिल्लाने लगे। | ramayan सर्ग 2.57: सुमन्त्र का अयोध्या को लौटना, उनके मुख से श्रीराम का संदेश सुनकर पुरवासियों का विलाप, राजा दशरथ और कौसल्या की मूर्छा तथा अन्तःपुर की रानियों का आर्तनाद । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराजा के अचेत हो जाने पर सारा भीतरी महल शोक से भर गया। राजा के भूमि पर गिरते ही सभी लोग अपने-अपने हाथ ऊपर उठाकर जोर-जोर से चिल्लाने लगे।
When the Maharaja fell unconscious, the entire inner palace was filled with grief. As soon as the King fell on the ground, everyone raised their arms and started screaming loudly.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥