Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.56.34: वह सुंदर कुटिया एक उपयुक्त स्थान पर बनी थी। वह वृक्षों के पत्तों की छाया से ढकी थी और तेज़ हवाओं से बचाव का पूरा प्रबंध था। सीता, लक्ष्मण और श्रीराम तीनों उसमें रहने के लिए एक साथ प्रवेश कर गए। जैसे देवता उत्तम धर्म की सभा में प्रवेश करते हैं। 34. | ramayan सर्ग 2.56: श्रीराम आदि का चित्रकूट में पहुँचना, वाल्मीकिजी का दर्शन करके श्रीराम की आज्ञा से लक्ष्मणद् वारा पर्णशाला का निर्माण,सबका कुटी में प्रवेश । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह सुंदर कुटिया एक उपयुक्त स्थान पर बनी थी। वह वृक्षों के पत्तों की छाया से ढकी थी और तेज़ हवाओं से बचाव का पूरा प्रबंध था। सीता, लक्ष्मण और श्रीराम तीनों उसमें रहने के लिए एक साथ प्रवेश कर गए। जैसे देवता उत्तम धर्म की सभा में प्रवेश करते हैं। 34.
That beautiful hut was built at a suitable place. It was shaded by the leaves of the trees and there was complete provision to protect from the strong winds. Sita, Lakshman and Shri Ram all entered it together to live there. Just like the gods enter the assembly of good religion. 34.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥