Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.56.22: 'सुमित्रकुमार! हम गजकण्ड का गूदा लेकर उससे पर्णशाला के अधिष्ठात्री देवताओं का पूजन करेंगे; क्योंकि दीर्घायु की इच्छा रखने वाले पुरुषों को वास्तुशांति अवश्य करनी चाहिए।' 22॥ | ramayan सर्ग 2.56: श्रीराम आदि का चित्रकूट में पहुँचना, वाल्मीकिजी का दर्शन करके श्रीराम की आज्ञा से लक्ष्मणद् वारा पर्णशाला का निर्माण,सबका कुटी में प्रवेश । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'सुमित्रकुमार! हम गजकण्ड का गूदा लेकर उससे पर्णशाला के अधिष्ठात्री देवताओं का पूजन करेंगे; क्योंकि दीर्घायु की इच्छा रखने वाले पुरुषों को वास्तुशांति अवश्य करनी चाहिए।' 22॥
'Sumitra Kumar! We will take the pulp of Gajkand and worship the presiding deities of the Parnashala with it;* because men who wish to live a long life must do Vaastu Shanti. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥