श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 56: श्रीराम आदि का चित्रकूट में पहुँचना, वाल्मीकिजी का दर्शन करके श्रीराम की आज्ञा से लक्ष्मणद् वारा पर्णशाला का निर्माण,सबका कुटी में प्रवेश  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.56.16 
इति सीता च रामश्च लक्ष्मणश्च कृताञ्जलि:।
अभिगम्याश्रमं सर्वे वाल्मीकिमभिवादयन्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
ऐसा निश्चय करके सीता, श्री राम और लक्ष्मण हाथ जोड़कर महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में गए और सबने उनके चरणों पर सिर नवाया॥16॥
 
Having thus decided, Sita, Shri Ram and Lakshman entered the hermitage of Maharishi Valmiki with folded hands and all of them bowed their heads at his feet.॥ 16॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd