Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.55.22: इस प्रकार एक ही नाव पर सवार होकर वे तीनों सूर्यपुत्री यमुना नदी को पार कर गए, जो तटों पर अनेक वृक्षों से सुशोभित थी और लहरों से सुशोभित थी। | ramayan सर्ग 2.55: श्रीराम आदि का अपने ही बनाये हुए बेडे से यमुनाजी को पार करना, सीता की यमुना और श्यामवट से प्रार्थना,यमुनाजी के समतल तट पर रात्रि में निवास करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार एक ही नाव पर सवार होकर वे तीनों सूर्यपुत्री यमुना नदी को पार कर गए, जो तटों पर अनेक वृक्षों से सुशोभित थी और लहरों से सुशोभित थी।
Thus, using the same raft, the three of them crossed the swift-moving river Yamuna, the daughter of the Sun, which was adorned with numerous trees on the banks and decorated with waves.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥