Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.55.16-17: दशरथ पुत्र भगवान राम ने अपनी प्रियतमा सीता को, जो थोड़ी लज्जित थीं और देवी लक्ष्मी के समान अकल्पनीय शोभा पा रही थीं, नाव पर बिठाया और उनके वस्त्र-आभूषण उनके पास रख दिए। फिर भगवान राम ने बड़ी सावधानी से कुदाल और बकरे की खाल से ढका बक्सा नाव पर रख दिया। | ramayan सर्ग 2.55: श्रीराम आदि का अपने ही बनाये हुए बेडे से यमुनाजी को पार करना, सीता की यमुना और श्यामवट से प्रार्थना,यमुनाजी के समतल तट पर रात्रि में निवास करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दशरथ पुत्र भगवान राम ने अपनी प्रियतमा सीता को, जो थोड़ी लज्जित थीं और देवी लक्ष्मी के समान अकल्पनीय शोभा पा रही थीं, नाव पर बिठाया और उनके वस्त्र-आभूषण उनके पास रख दिए। फिर भगवान राम ने बड़ी सावधानी से कुदाल और बकरे की खाल से ढका बक्सा नाव पर रख दिया।
Lord Rama, the son of Dasharatha, placed his beloved Sita, who was feeling a little embarrassed and had unimaginable splendour like Goddess Lakshmi, on the raft and placed her clothes and ornaments beside her. Then Lord Rama very carefully placed the hoe and the box covered with goat's skin on the raft.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥