Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.54.7: 'जंगल में उगने वाले फलों, जड़ों और लकड़ियों से अपनी जीविका चलाने वाले लोगों द्वारा काटी गई लकड़ियाँ देखी जा सकती हैं। और आश्रम के पास विभिन्न प्रकार के पेड़ भी दिखाई देते हैं जिनकी लकड़ियाँ काटी गई हैं।' | ramayan सर्ग 2.54: लक्ष्मण और सीता सहित श्रीराम का भरद्वाज-आश्रम में जाना, मुनि का उन्हें चित्रकूट पर्वत पर ठहरने का आदेश तथा चित्रकूट की महत्ता एवं शोभा का वर्णन । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'जंगल में उगने वाले फलों, जड़ों और लकड़ियों से अपनी जीविका चलाने वाले लोगों द्वारा काटी गई लकड़ियाँ देखी जा सकती हैं। और आश्रम के पास विभिन्न प्रकार के पेड़ भी दिखाई देते हैं जिनकी लकड़ियाँ काटी गई हैं।'
'The wood cut by the people who make their living from the fruits, roots and wood grown in the forest can be seen. And the various types of trees whose wood has been cut are also visible near the Ashrama.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥