Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.54.38-39h: जब रात्रि बीत गई और प्रातःकाल हुआ, तो श्रीराम के पूछने पर भरद्वाजजी बोले - 'महाबली श्रीराम! आप चित्रकूट पर्वत पर जाएँ, जो मीठे फलों और मूल-मूलों से परिपूर्ण है। मैं उसे आपके निवास के लिए उपयुक्त स्थान मानता हूँ।' | ramayan सर्ग 2.54: लक्ष्मण और सीता सहित श्रीराम का भरद्वाज-आश्रम में जाना, मुनि का उन्हें चित्रकूट पर्वत पर ठहरने का आदेश तथा चित्रकूट की महत्ता एवं शोभा का वर्णन । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब रात्रि बीत गई और प्रातःकाल हुआ, तो श्रीराम के पूछने पर भरद्वाजजी बोले - 'महाबली श्रीराम! आप चित्रकूट पर्वत पर जाएँ, जो मीठे फलों और मूल-मूलों से परिपूर्ण है। मैं उसे आपके निवास के लिए उपयुक्त स्थान मानता हूँ।'
When the night passed and the morning dawned, on Shri Ram's questioning Bharadwajji said - 'Mahabali Shri Ram! You go to Chitrakoot mountain which is full of sweet fruits and roots. I consider it to be a suitable place for you to live.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥