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ramayan 2.54.36: तदनन्तर जब रात्रि बीत गई और प्रातःकाल हुआ, तब नरसिंह श्री रामजी तेजस्वी भारद्वाज मुनि के पास गए और बोले-॥36॥   |   ramayan सर्ग 2.54: लक्ष्मण और सीता सहित श्रीराम का भरद्वाज-आश्रम में जाना, मुनि का उन्हें चित्रकूट पर्वत पर ठहरने का आदेश तथा चित्रकूट की महत्ता एवं शोभा का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 54: लक्ष्मण और सीता सहित श्रीराम का भरद्वाज-आश्रम में जाना, मुनि का उन्हें चित्रकूट पर्वत पर ठहरने का आदेश तथा चित्रकूट की महत्ता एवं शोभा का वर्णन  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  2.54.36 
प्रभातायां तु शर्वर्यां भरद्वाजमुपागमत्।
उवाच नरशार्दूलो मुनिं ज्वलिततेजसम्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर जब रात्रि बीत गई और प्रातःकाल हुआ, तब नरसिंह श्री रामजी तेजस्वी भारद्वाज मुनि के पास गए और बोले-॥36॥
 
Thereafter when the night passed and the morning arrived, the man-lion Shri Ram went to the blazing radiance sage Bharadwaj and said -॥ 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)