Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.54.35: सुख भोगने में समर्थ होने पर भी वे अपने परिश्रम के कारण बहुत थके हुए थे। इसलिए भगवान राम ने लक्ष्मण और सीता के साथ ऋषि भारद्वाज के सुंदर आश्रम में सुखपूर्वक रात्रि व्यतीत की। | ramayan सर्ग 2.54: लक्ष्मण और सीता सहित श्रीराम का भरद्वाज-आश्रम में जाना, मुनि का उन्हें चित्रकूट पर्वत पर ठहरने का आदेश तथा चित्रकूट की महत्ता एवं शोभा का वर्णन । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुख भोगने में समर्थ होने पर भी वे अपने परिश्रम के कारण बहुत थके हुए थे। इसलिए भगवान राम ने लक्ष्मण और सीता के साथ ऋषि भारद्वाज के सुंदर आश्रम में सुखपूर्वक रात्रि व्यतीत की।
Even though they were capable of enjoying pleasures, they were very tired due to their hard work. Therefore, Lord Rama along with Lakshmana and Sita spent the night happily in the beautiful hermitage of sage Bharadwaj.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥