Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.54.18: उन तपस्वी महात्मा ने उन सबको नाना प्रकार के भोजन, रस, जंगली फल-मूल आदि प्रदान किए तथा उनके रहने के लिए स्थान की भी व्यवस्था की॥18॥ | ramayan सर्ग 2.54: लक्ष्मण और सीता सहित श्रीराम का भरद्वाज-आश्रम में जाना, मुनि का उन्हें चित्रकूट पर्वत पर ठहरने का आदेश तथा चित्रकूट की महत्ता एवं शोभा का वर्णन । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन तपस्वी महात्मा ने उन सबको नाना प्रकार के भोजन, रस, जंगली फल-मूल आदि प्रदान किए तथा उनके रहने के लिए स्थान की भी व्यवस्था की॥18॥
That ascetic saint provided all of them with various kinds of food, juice and wild fruits and roots. He also arranged for a place for them to stay.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥