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ramayan 2.54.10: आश्रम में पहुँचकर सीता सहित वे दोनों वीर पुरुष ऋषि के दर्शन की इच्छा से दूर खड़े हो गए।   |   ramayan सर्ग 2.54: लक्ष्मण और सीता सहित श्रीराम का भरद्वाज-आश्रम में जाना, मुनि का उन्हें चित्रकूट पर्वत पर ठहरने का आदेश तथा चित्रकूट की महत्ता एवं शोभा का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.54.10 
ततस्त्वाश्रममासाद्य मुनेर्दर्शनकांक्षिणौ।
सीतयानुगतौ वीरौ दूरादेवावतस्थतु:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
आश्रम में पहुँचकर सीता सहित वे दोनों वीर पुरुष ऋषि के दर्शन की इच्छा से दूर खड़े हो गए।
 
On reaching the hermitage, those two brave men along with Sita, desiring to see the sage, stood at a distance.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)