Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.54.1: उस विशाल वृक्ष के नीचे सुन्दर रात्रि व्यतीत करके वे सब लोग सूर्योदय के समय वहाँ से आगे चले। ॥1॥   |   ramayan सर्ग 2.54: लक्ष्मण और सीता सहित श्रीराम का भरद्वाज-आश्रम में जाना, मुनि का उन्हें चित्रकूट पर्वत पर ठहरने का आदेश तथा चित्रकूट की महत्ता एवं शोभा का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 54: लक्ष्मण और सीता सहित श्रीराम का भरद्वाज-आश्रम में जाना, मुनि का उन्हें चित्रकूट पर्वत पर ठहरने का आदेश तथा चित्रकूट की महत्ता एवं शोभा का वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  2.54.1 
ते तु तस्मिन् महावृक्षे उषित्वा रजनीं शुभाम्।
विमलेऽभ्युदिते सूर्ये तस्माद् देशात् प्रतस्थिरे॥ १॥
 
 
अनुवाद
उस विशाल वृक्ष के नीचे सुन्दर रात्रि व्यतीत करके वे सब लोग सूर्योदय के समय वहाँ से आगे चले। ॥1॥
 
After spending that beautiful night under the great tree, all of them proceeded further from that place in the clear sunrise. ॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)