श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 53: श्रीराम का राजा को उपालम्भ देते हुए कैकेयी से कौसल्या आदि के अनिष्ट की आशङ्का बताकर लक्ष्मण को अयोध्या लौटाने के लिये प्रयत्न करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.53.16 
मातास्मत्कारणाद् देवी सुमित्रा दु:खमावसेत्।
अयोध्यामित एव त्वं काले प्रविश लक्ष्मण॥ १६॥
 
 
अनुवाद
'हमारे कारण तुम्हारी माता सुमित्रादेवी को वहाँ बड़े दुःख से रहना पड़ेगा; इसलिए लक्ष्मण! तुम कल प्रातःकाल यहाँ से अयोध्या लौट जाओ॥ 16॥
 
'Because of us your mother Sumitra Devi will have to stay there with great sorrow; therefore Lakshmana! You should return from here to Ayodhya tomorrow morning.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)