vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 2: अयोध्या काण्ड
»
सर्ग 52: श्रीराम की आज्ञा से गुह का नाव मँगाना, श्रीराम का सुमन्त्र को समझाबुझाकर अयोध्यापुरी लौट जाने के लिये आज्ञा देना,सीता की गङ्गाजी से प्रार्थना
»
श्लोक 69
श्लोक
2.52.69
लक्ष्मणस्यात्मनश्चैव रामस्तेनाकरोज्जटा:।
दीर्घबाहुर्नरव्याघ्रो जटिलत्वमधारयत्॥ ६९॥
अनुवाद
श्री राम ने उससे लक्ष्मण और अपनी जटाएँ बना लीं। शक्तिशाली नरसिंह श्री राम तुरन्त जटाधारी हो गए। 69।
Shri Ram made matted locks of Lakshman and himself with it. The powerful man-lion Shri Ram instantly became a matted person. 69.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd
Download Vedamrit Android App
Install
×