श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 50: श्रीराम का शृङ्गवेरपुर में गङ्गा तट पर पहुँचकर रात्रि में निवास, वहाँ निषादराज गुह द्वारा उनका सत्कार  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  2.50.35 
ततो निषादाधिपतिं दृष्ट्वा दूरादुपस्थितम्।
सह सौमित्रिणा राम: समागच्छद् गुहेन स:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
दूर से निषादराज को आते देख भगवान राम लक्ष्मण सहित आगे बढ़े और उनसे मिले।
 
Seeing the King of Nishadras coming from a distance, Lord Rama along with Lakshmana went ahead and met him. 35.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)