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ramayan 2.49.12: श्री रघुनाथजी ने अपने वेगवान घोड़ों के साथ गोमती नदी पार करके, मोरों और हंसों के कलरव से भरी हुई स्यन्धिका नदी को भी पार किया॥ 12॥   |   ramayan सर्ग 2.49: ग्रामवासियों की बातें सुनते हुए श्रीराम का कोसल जनपद को लाँघते हुए आगे जाना और वेदश्रुति, गोमती एवं स्यन्दि का नदियों को पार करके सुमन्त्र से कुछ कहना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 49: ग्रामवासियों की बातें सुनते हुए श्रीराम का कोसल जनपद को लाँघते हुए आगे जाना और वेदश्रुति, गोमती एवं स्यन्दि का नदियों को पार करके सुमन्त्र से कुछ कहना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.49.12 
गोमतीं चाप्यतिक्रम्य राघव: शीघ्रगैर्हयै:।
मयूरहंसाभिरुतां ततार स्यन्दिकां नदीम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
श्री रघुनाथजी ने अपने वेगवान घोड़ों के साथ गोमती नदी पार करके, मोरों और हंसों के कलरव से भरी हुई स्यन्धिका नदी को भी पार किया॥ 12॥
 
After crossing the Gomati river with his swift horses, Sri Raghunatha also crossed the Syandhika river, which was filled with the chirping of peacocks and swans.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)