Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.47.17: (उन्होंने कहा,) 'जिस प्रकार वह नदी अनाकर्षक हो जाती है, जिसके गहरे कुंड से गरुड़ द्वारा सर्प को निकाल लिया जाता है, उसी प्रकार श्री राम से रहित यह अयोध्या नगरी अब अधिक सुन्दर नहीं लगती।' | ramayan सर्ग 2.47: प्रातःकाल उठने पर पुरवासियों का विलाप करना और निराश होकर नगर को लौटना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(उन्होंने कहा,) 'जिस प्रकार वह नदी अनाकर्षक हो जाती है, जिसके गहरे कुंड से गरुड़ द्वारा सर्प को निकाल लिया जाता है, उसी प्रकार श्री राम से रहित यह अयोध्या नगरी अब अधिक सुन्दर नहीं लगती।'
(He said,) 'Just as a river becomes unattractive from whose deep pool the serpent has been taken out by Garuda, similarly this city of Ayodhya, devoid of Shri Ram, does not look very beautiful any more.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥