Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.45.31: ‘जो पक्षी सब प्रयत्न छोड़ चुके हैं, भोजन करने के लिए भी नहीं उड़ते और वृक्ष पर एक ही स्थान पर स्थिर रहते हैं, वे भी आपसे लौट आने की प्रार्थना कर रहे हैं; क्योंकि आप समस्त प्राणियों पर दयालु हैं।’॥31॥   |   ramayan सर्ग 2.45: नगर के वृद्ध ब्राह्मणों का श्रीराम से लौट चलने के लिये आग्रह करना तथा उन सबके साथ श्रीराम का तमसा तट पर पहुँचना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 45: नगर के वृद्ध ब्राह्मणों का श्रीराम से लौट चलने के लिये आग्रह करना तथा उन सबके साथ श्रीराम का तमसा तट पर पहुँचना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  2.45.31 
निश्चेष्टाहारसंचारा वृक्षैकस्थाननिश्चिता:।
पक्षिणोऽपि प्रयाचन्ते सर्वभूतानुकम्पिनम्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
‘जो पक्षी सब प्रयत्न छोड़ चुके हैं, भोजन करने के लिए भी नहीं उड़ते और वृक्ष पर एक ही स्थान पर स्थिर रहते हैं, वे भी आपसे लौट आने की प्रार्थना कर रहे हैं; क्योंकि आप समस्त प्राणियों पर दयालु हैं।’॥31॥
 
‘The birds that have given up all efforts, do not even fly to eat food and remain fixedly in one place on the tree, are also praying to you to return; because you are kind to all creatures.’॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)