Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.45.30: ये वृक्ष अपनी जड़ों के कारण बहुत धीमे हैं, इसलिए तुम्हारा पीछा नहीं कर सकते; किन्तु वायु के वेग से उनमें उत्पन्न होने वाली सरसराहट के कारण ये ऊँचे वृक्ष मानो तुम्हें पुकार रहे हैं - तुमसे लौट आने का अनुरोध कर रहे हैं॥30॥ | ramayan सर्ग 2.45: नगर के वृद्ध ब्राह्मणों का श्रीराम से लौट चलने के लिये आग्रह करना तथा उन सबके साथ श्रीराम का तमसा तट पर पहुँचना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये वृक्ष अपनी जड़ों के कारण बहुत धीमे हैं, इसलिए तुम्हारा पीछा नहीं कर सकते; किन्तु वायु के वेग से उनमें उत्पन्न होने वाली सरसराहट के कारण ये ऊँचे वृक्ष मानो तुम्हें पुकार रहे हैं - तुमसे लौट आने का अनुरोध कर रहे हैं॥30॥
‘These trees are very slow due to their roots, so they cannot follow you; but due to the rustling sound produced in them by the speed of the wind, these tall trees are as if calling out to you – they are requesting you to come back.॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥