Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.45.18: वे सीता और लक्ष्मण के साथ पैदल ही चल पड़े। ब्राह्मण एक-दूसरे से अलग न हो जाएँ, इस हेतु उन्होंने अपने पैर एक-दूसरे से सटाकर रखे - वे लंबे-लंबे डग नहीं लेते थे। वन पहुँचना ही उनकी यात्रा का अंतिम लक्ष्य था॥18॥ | ramayan सर्ग 2.45: नगर के वृद्ध ब्राह्मणों का श्रीराम से लौट चलने के लिये आग्रह करना तथा उन सबके साथ श्रीराम का तमसा तट पर पहुँचना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे सीता और लक्ष्मण के साथ पैदल ही चल पड़े। ब्राह्मण एक-दूसरे से अलग न हो जाएँ, इस हेतु उन्होंने अपने पैर एक-दूसरे से सटाकर रखे - वे लंबे-लंबे डग नहीं लेते थे। वन पहुँचना ही उनकी यात्रा का अंतिम लक्ष्य था॥18॥
He started walking on foot with Sita and Lakshmana. To ensure that the Brahmins did not leave each other, he kept his feet very close together - he did not take long strides. Reaching the forest was the ultimate goal of his journey.॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥