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ramayan 2.44.26: ‘देवि! तुम्हें शोक नहीं करना चाहिए; क्योंकि तुम्हें रघुकुलनन्दन राम जैसा पुत्र प्राप्त हुआ है। संसार में श्री राम से बढ़कर सत्यमार्ग पर दृढ़ रहने वाला कोई दूसरा पुरुष नहीं है॥ 26॥   |   ramayan सर्ग 2.44: सुमित्रा का कौसल्या को आश्वासन देना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 44: सुमित्रा का कौसल्या को आश्वासन देना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.44.26 
नार्हा त्वं शोचितुं देवि यस्यास्ते राघव: सुत:।
नहि रामात् परो लोके विद्यते सत्पथे स्थित:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
‘देवि! तुम्हें शोक नहीं करना चाहिए; क्योंकि तुम्हें रघुकुलनन्दन राम जैसा पुत्र प्राप्त हुआ है। संसार में श्री राम से बढ़कर सत्यमार्ग पर दृढ़ रहने वाला कोई दूसरा पुरुष नहीं है॥ 26॥
 
‘Devi! You should not grieve; because you have got a son like Raghukulnandan Ram. There is no other person in the world who is more steadfast in the right path than Shri Ram.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)