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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 44: सुमित्रा का कौसल्या को आश्वासन देना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.44.21 
निवृत्तवनवासं तं द्रष्टासि पुनरागतम्।
जहि शोकं च मोहं च देवि सत्यं ब्रवीमि ते॥ २१॥
 
 
अनुवाद
'देवी! मैं तुमसे सत्य कहता हूँ। वनवास काल पूरा होने पर तुम पुनः श्री राम को यहाँ लौटते हुए देखोगी, इसलिए शोक और मोह त्याग दो।
 
‘Devi! I am telling you the truth. You will see Shri Ram returning here again after the completion of the exile period, so leave aside your grief and attachment.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)