Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 2.44.11: यह देखकर कि भगवान राम ने युद्धभूमि में तिमिध्वज (सम्बर) के पुत्र राक्षस राजा सुबाहु का वध कर दिया है, विश्वामित्र ने उस पराक्रमी योद्धा को अनेक दिव्य अस्त्र प्रदान किए।   |   ramayan सर्ग 2.44: सुमित्रा का कौसल्या को आश्वासन देना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 44: सुमित्रा का कौसल्या को आश्वासन देना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  2.44.11 
ददौ चास्त्राणि दिव्यानि यस्मै ब्रह्मा महौजसे।
दानवेन्द्रं हतं दृष्ट्वा तिमिध्वजसुतं रणे॥ ११॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर कि भगवान राम ने युद्धभूमि में तिमिध्वज (सम्बर) के पुत्र राक्षस राजा सुबाहु का वध कर दिया है, विश्वामित्र ने उस पराक्रमी योद्धा को अनेक दिव्य अस्त्र प्रदान किए।
 
Seeing that Lord Rama had killed the demon king Subahu, son of Timidhwaj (Sambar), on the battlefield, Visvamitra bestowed many divine weapons on that mighty warrior.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)