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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 2: अयोध्या काण्ड
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सर्ग 41: श्रीराम के वनगमन से रनवास की स्त्रियों का विलाप तथा नगरनिवासियों की शोकाकुल अवस्था
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श्लोक 16
श्लोक
2.41.16
शोकपर्यायसंतप्त: सततं दीर्घमुच्छ्वसन्।
अयोध्यायां जन: सर्वश्चुक्रोश जगतीपतिम्॥ १६॥
अनुवाद
समस्त अयोध्यावासी शोकग्रस्त होकर गहरी साँसें लेते हुए राजा दशरथ को कोसने लगे।
All the people of Ayodhya, grief-stricken, began cursing King Dasharatha while taking deep breaths.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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