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ramayan 2.40.3: श्री राम के बाद लक्ष्मण ने भी सबसे पहले माता कौशल्या को प्रणाम किया और फिर अपनी माता सुमित्रा के चरण पकड़ लिए।   |   ramayan सर्ग 2.40: सीता, राम और लक्ष्मण का दशरथ की परिक्रमा करके कौसल्या आदि को प्रणाम करना, सीता सहित श्रीराम और लक्ष्मण का रथ में बैठकर वन की ओर प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  सर्ग 40: सीता, राम और लक्ष्मण का दशरथ की परिक्रमा करके कौसल्या आदि को प्रणाम करना, सीता सहित श्रीराम और लक्ष्मण का रथ में बैठकर वन की ओर प्रस्थान  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  2.40.3 
अन्वक्षं लक्ष्मणो भ्रातु: कौसल्यामभ्यवादयत्।
अपि मातु: सुमित्राया जग्राह चरणौ पुन:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
श्री राम के बाद लक्ष्मण ने भी सबसे पहले माता कौशल्या को प्रणाम किया और फिर अपनी माता सुमित्रा के चरण पकड़ लिए।
 
After Shri Ram, Lakshman also first bowed to mother Kausalya and then held the feet of his mother Sumitra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)