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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 2: अयोध्या काण्ड
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सर्ग 40: सीता, राम और लक्ष्मण का दशरथ की परिक्रमा करके कौसल्या आदि को प्रणाम करना, सीता सहित श्रीराम और लक्ष्मण का रथ में बैठकर वन की ओर प्रस्थान
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श्लोक 20
श्लोक
2.40.20
तत: सबालवृद्धा सा पुरी परमपीडिता।
राममेवाभिदुद्राव घर्मार्त: सलिलं यथा॥ २०॥
अनुवाद
अयोध्या के सभी लोग, छोटे-बड़े, बड़े-बड़े, बड़े कष्ट में श्री राम के पीछे दौड़े, मानो गर्मी से पीड़ित लोग पानी की ओर दौड़ रहे हों।
All the people of Ayodhya, young and old, ran after Shri Ram in great pain, as if people suffering from the heat were running towards water.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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