Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.40.12: 'जिन चौदह वर्षों तक तुम्हें वन में रहना है, वे आज से ही प्रारम्भ हो जाएँ; क्योंकि देवी कैकेयी ने तुम्हें आज ही वन जाने के लिए प्रेरित किया है।'॥12॥ | ramayan सर्ग 2.40: सीता, राम और लक्ष्मण का दशरथ की परिक्रमा करके कौसल्या आदि को प्रणाम करना, सीता सहित श्रीराम और लक्ष्मण का रथ में बैठकर वन की ओर प्रस्थान । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'जिन चौदह वर्षों तक तुम्हें वन में रहना है, वे आज से ही प्रारम्भ हो जाएँ; क्योंकि देवी कैकेयी ने तुम्हें आज ही वन जाने के लिए प्रेरित किया है।'॥12॥
'The fourteen years for which you have to stay in the forest should start from today itself; because goddess Kaikeyi has inspired you to go to the forest today itself.'॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥