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ramayan 2.4.8: सूतजी के ये वचन सुनकर श्री रामचन्द्रजी महाराज तुरंत ही दशरथजी के महल की ओर पुनः उनसे मिलने के लिए चल पड़े॥8॥   |   ramayan सर्ग 2.4: श्रीराम का माता को समाचार बताना और माता से आशीर्वाद पाकर लक्ष्मण से प्रेमपूर्वक वार्तालाप करना   ।   ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  2.4.8 
इति सूतवच: श्रुत्वा रामोऽपि त्वरयान्वित:।
प्रययौ राजभवनं पुनर्द्रष्टुं नरेश्वरम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
सूतजी के ये वचन सुनकर श्री रामचन्द्रजी महाराज तुरंत ही दशरथजी के महल की ओर पुनः उनसे मिलने के लिए चल पड़े॥8॥
 
On hearing these words of the Suta, Sri Ramachandraji Maharaj immediately proceeded towards Dasharatha's palace to see him again. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)