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इत्युक्त्वा लक्ष्मणं रामो मातरावभिवाद्य च।
अभ्यनुज्ञाप्य सीतां च ययौ स्वं च निवेशनम्॥ ४५॥
अनुवाद
लक्ष्मण से ऐसा कहकर श्रीराम ने अपनी दोनों माताओं को प्रणाम किया और सीता को अपने साथ ले जाने की अनुमति प्राप्त कर उन्हें अपने साथ अपने महल में ले गए।
Having said this to Lakshmana, Sri Rama bowed to both his mothers and having obtained permission for Sita to accompany him, he took her with him to his palace.
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्येऽयोध्याकाण्डे चतुर्थ: सर्ग:॥ ४॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके अयोध्याकाण्डमें चौथा सर्ग पूरा हुआ॥ ४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥