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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 2: अयोध्या काण्ड
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सर्ग 4: श्रीराम का माता को समाचार बताना और माता से आशीर्वाद पाकर लक्ष्मण से प्रेमपूर्वक वार्तालाप करना
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श्लोक 31
श्लोक
2.4.31
प्रागेव चागता तत्र सुमित्रा लक्ष्मणस्तथा।
सीता चानयिता श्रुत्वा प्रियं रामाभिषेचनम्॥ ३१॥
अनुवाद
राम के राज्याभिषेक का शुभ समाचार सुनकर सुमित्रा और लक्ष्मण वहाँ पहले ही आ चुके थे और बाद में सीता को भी वहाँ बुलाया गया॥31॥
Having heard the good news of Rama's coronation, Sumitra and Lakshmana had already arrived there and later Sita was called there.॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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