Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.4.1-2: प्रजा के राजसभा से चले जाने के बाद, कार्यसिद्धि के लिए समय और स्थान के नियम को जानने वाले प्रभावशाली राजा ने अपने मंत्रियों से परामर्श करके यह निश्चय किया कि ‘कल पुष्य नक्षत्र होगा, इसलिए मैं अपने पुत्र कमलनेत्र श्री राम को कल ही युवराज पद पर अभिषिक्त कर दूँ।’ ॥1-2॥ | ramayan सर्ग 2.4: श्रीराम का माता को समाचार बताना और माता से आशीर्वाद पाकर लक्ष्मण से प्रेमपूर्वक वार्तालाप करना । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रजा के राजसभा से चले जाने के बाद, कार्यसिद्धि के लिए समय और स्थान के नियम को जानने वाले प्रभावशाली राजा ने अपने मंत्रियों से परामर्श करके यह निश्चय किया कि ‘कल पुष्य नक्षत्र होगा, इसलिए मैं अपने पुत्र कमलनेत्र श्री राम को कल ही युवराज पद पर अभिषिक्त कर दूँ।’ ॥1-2॥
After the citizens left the royal court, the influential king, who knew the rules of time and place for the accomplishment of a task, after consulting with his ministers, decided that 'Pushya Nakshatra would be tomorrow, hence I should anoint my son, lotus-eyed Sri Ram, as the crown prince tomorrow itself.' ॥1-2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥