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श्लोक  2.39.40 
जज्ञोऽथ तासां संनाद: क्रौञ्चीनामिव नि:स्वन:।
मानवेन्द्रस्य भार्याणामेवं वदति राघवे॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
जब श्री राम ने यह कहा, तो राजा दशरथ की रानियाँ डायनों की तरह विलाप करने लगीं। उनका विलाप पूरे राजमहल में गूंज उठा।
 
When Shri Ram said this, the queens of King Dasharath started wailing like witches. Their wailings echoed throughout the royal palace.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)