Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 2.39.27: 'आर्य! आप मुझे जो भी सलाह दे रहे हैं, मैं उसका पूरी तरह पालन करूँगा। मैं अच्छी तरह जानता हूँ कि अपने स्वामी के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए; क्योंकि मैंने इस विषय में पहले ही सुन लिया है। | ramayan सर्ग 2.39: राजा दशरथ का विलाप,कौसल्या का सीता को पतिसेवा का उपदेश, सीता के द्वारा उसकी स्वीकृति । ramayan काण्ड 2: अयोध्या काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'आर्य! आप मुझे जो भी सलाह दे रहे हैं, मैं उसका पूरी तरह पालन करूँगा। मैं अच्छी तरह जानता हूँ कि अपने स्वामी के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए; क्योंकि मैंने इस विषय में पहले ही सुन लिया है।
'Arya! Whatever advice you are giving me, I will follow it completely. I know very well how one should behave with one's master; because I have already heard about this topic.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥